मध्य प्रदेश की राजधानी क्या है in hindi 2022

आज हम जानेंगे भारत के एक सबसे महत्वपूर्ण राज्य मध्य प्रदेश की राजधानी क्या है अर्थात् madhya pradesh ki rajdhani kya hai मध्य प्रदेश राज्य का पुनर्गठन 01 नवंबर 1956 को किया गया था।लेकिन वास्तविकता में इसकी स्थापना वर्ष 2 नवंबर 1861 को हो गई थी जब सागर,नर्मदा,और नागपुर के क्षेत्र को मिलाकर सेंट्रल प्रोविंस नाम का राज्य बना था।

वर्तमान मध्य प्रदेश की राजधानी का नाम भोपाल है जिसको हम नीचे विस्तार से जानेंगे मध्य प्रदेश राज्य की राजधानी बनाने में सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा था यह देश का इकलौता राज्य था जिसकी राजधानी बनाने के लिए तब के प्रथम प्रधानमंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू जी की प्रेरणा लेनी पड़ी थी।

तब जाकर मध्य प्रदेश की राजधानी(rajdhani) भोपाल को बनाया गया इस समय मध्य प्रदेश की जनसंख्या 72626809 है जिसमे महिलाओं की जनसंख्या 35015826 तथा पुरषों की जनसंख्या 37610983 है।जब मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ राज्य अलग नही हुआ था उस समय इसका कुल क्षेत्रफल 443446 वर्ग किलोमीटर था तथा क्षेत्रफल के अनुसार भारत का सबसे बड़ा राज्य था।लेकिन 01 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ भारत का 26वा राज्य इससे अलग होकर बना तब madhya pradesh क्षेत्रफल 308252 वर्ग किलोमीटर रह गया।जो की राजस्थान के बाद सबसे बड़ा क्षेत्रफल में राज्य है। विभाजित राज्य छत्तीगढ़ की राजधानी रायपुर को बनाया गया।

मध्य प्रदेश की राजधानी क्या है

मध्य प्रदेश की राजधानी क्या है और कैसे बनी – madhya pradesh ki rajdhani 2022

मध्य प्रदेश राज्य का गठन 01 नवम्बर 1956 को भारत के चार छोटे राज्य भोपाल,विंध्यक्षेत्र,मध्य भारत और सेंट्रल प्रोविंस एंड बरार इन राज्यों को मिलकर की गई थी। इस राज्य का नाम “मध्य प्रदेश” भारत के प्रधानमंत्री जबाहर लाल नेहरू जी ने दिया था। इन  चार राज्यों के बनने की अलग अलग कहानी है जिसे एक एक करके समझते है।इन्ही चार राज्यों से मध्य प्रदेश राज्य की राजधानी बनने की मांग उठी भोपाल के राजा हमीदुल्लाह खाँ भोपाल को राजधानी बनाना चाहते थे तो वही ग्वालियर के राजा जीवाजीराव सिंधिया ग्वालियर को madhya pradesh ki rajdhani बनाना चाहते थे इसके अलावा इंदौर के होलकर इंदौर को तथा विंध्य क्षेत्र के लोग जबलपुर को राजधानी बनाना चाहते थे।इस प्रकार मध्यप्रदेश की राजधानी बनने की दौड़ में अलग अलग रियासत और शहर थे।

मध्य प्रदेश के सेंट्रल प्रोविंस एंड बरार की स्थापना और राजधानी 

मध्य प्रदेश राज्य बनने में सेंट्रल प्रोविंस और बरार राज्य का महत्वपूर्ण योगदान है वर्ष 02 नवंबर 1861 को सागर,नागपुर,और नर्मदा के क्षेत्र को मिलाकर सेंट्रल प्रोविंस स्टेट बना इसके बाद 1933 में निजाम स्टेट हैदराबाद की कुछ रियासते इस क्षेत्र में मिला ली गई जिसे बरार क्षेत्र का नाम दिया गया इस प्रकार इस राज्य का नया नाम सेंट्रल प्रोविंस एंड बरार रखा गया इसकी राजधानी नागपुर हुआ करती 1947 में देश की आजादी के साथ रविशंकर शुक्ल जी इस राज्य के मुख्य मंत्री थे।

लेकिन जब 1947 से 1956 तक मध्य प्रदेश का पुनर्गठन हुआ उस दौरान इसमें पूर्वी बघेलखंड तथा छत्तीसगढ़ की कुछ रियास्तो के अलावा बस्तर और दंडकारण्य का क्षेत्र मिलाया गया लेकिन इसमें से 8 जिले जिसमे राजधानी नागपुर भी शामिल था वर्तमान  महाराष्ट्र में चले गए जिनके नाम इस प्रकार है बुलढाना,अमरावती,नागपुर,भंडारा,वर्धा,अकोला,यवतमाल और चांदा इस प्रकार सेन्ट्रल प्रोविंस एंड बरार मिलकर नए राज्य मध्य प्रदेश का हिस्सा बना। 

मध्य प्रदेश के मध्य भारत राज्य की स्थापना और राजधानी

28 मई 1948 को जब देश हुआ तब इंदौर और ग्वालियर रियासत को मिलाकर एक राज्य मध्य भारत बना इसमें से मंदसौर जिले से सुनेलतप्पा क्षेत्र राजस्थान के वर्तमान झालावाड़ जिले में चला गया तथा कोटा राजस्थान की सिरोंज तहसील को मध्य भारत राज्य में मिला लिया गया इंदौर के होलकर तथा ग्वालियर के सिंधिया के कारण इसकी 2 राजधानी इंदौर और ग्वालियर बनाया गई।

इंदौर ग्रीशकालीन राजधानी 5 महीने 15 दिन के लिए होता था तो वही ग्वालियर 6 महीने 15 दिन के लिए शीतकालीन राजधानी होती थी। मध्य भारत राज्य के राजप्रमुख श्री जीवा जीराव सिंधिया को बनाया गया तथा राज्य के मुख्यमंत्री श्री लीलाधर जोशी जी थे।यह राज्य 01 नवंबर 1956 को मध्य प्रदेश राज्य में मिला लिया गया।

एमपी के भोपाल राज्य की राजधानी और विलय

जब भारत 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ तो उस समय भोपाल के राजा हमीदुल्लाह खान जो अपनी रिसायत को पाकिस्तान में विलय करना चाहते थे अथवा स्वतंत्र रियासत रखना चाहते थे जो की उस समय संभव नहीं था बाद में भारत के उस समय के गृहमंत्री बल्लभ भाई पटेल के दबाव बनाने पर हमीदुल्लाह खान भारत संघ में विलय के लिए तैयार हुए 1 जून 1949 को भोपाल का विलय भारत संघ में हुआ और इसे एक अलग राज्य बना दिया ।

भोपाल राज्य की राजधानी भोपाल ही थी।तथा पंडित शंकर दयाल शर्मा जी इस राज्य के मुख्यमंत्री थे तथा राज्य का अध्यक्ष सुल्तान अहमद को बनाया गया।

मध्यप्रदेश के बिंध्यक्षेत्र राज्य की राजधानी और गठन

बिंध्यक्षेत्र राज्य भारत की 35 छोटी बड़ी रियस्तो को मिलाकर बनाया गया इस राज्य का गठन 12 मार्च 1948 को बीपी मेनन की अध्यक्षता में हुआ। इसमें बुंदेलखंड की एक रियासत बिजावर तथा पश्चिमी बघेलखंड की 33 रियासत मिलाई गई इसके अलावा 35 वी रियासत खनियाधान को जो की ग्वालियर रियासत की हिस्सा थी उसे भी मिलाया गया इस प्रकार बिंध्यक्षेत्र की स्थापना हुई तथा madhya pradesh के इस राज्य की rajdhani रीवा को बनाया गया।

राज्य के राजप्रमुख मार्तंड अवधेश प्रताप सिंह को बनाया गया तथा राज्य के मुख्यमंत्री वर्ष 1952 में शंभूनाथ शुक्ल जी को बनाया गया।

मध्य प्रदेश राज्य की राजधानी : madhya pradesh ki rajdhani

जब 01 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन हुआ तथा इन चारो राज्य को मिलाकर एक राज्य बनाया गया तो इन्ही चार राज्यों से राजधानी बनाने की मांग उठी।इंदौर के होलकर इंदौर को राजधानी बनाना चाहते थे तो ग्वालियर के सिंधिया ग्वालियर को मध्य प्रदेश की राजधानी बनाना चाहते तो तो बही भोपाल के नावाव हिमीदुल्लाह खान भोपाल तथा बिंध्यक्षेत्र के लोग जबलपुर को राजधानी बनाना चाहते थे।

भारत के प्रधानमंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू जी मध्य प्रदेश की राजधानी बनाने की सारी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री रविशंकर शुक्ल जी को दी लेकिन नेहरू जी के मन में भोपाल को राजधानी बनाने की इच्छा थी वो इसीलिए क्योंकि भोपाल के राजा हमीदुल्लाह खान की भारत के उस समय के बयासराय लॉर्ड माउंटबेटन से काफी नजदीकिया थी और जो भोपाल को राजधानी बनाना चाहते थे लॉर्ड माउंटबेटन और नेहरू जी की बॉन्डिंग बहुत अच्छी मानी जाती थी।

मध्य प्रदेश के उस समय के मुख्य मंत्री और उनके केबिनेट मंत्रालय ने मध्य प्रदेश की राजधानी बनाने के 30 अक्टूबर 1956 को भोपाल में बैठक की लेकिन मीडिया और लोगो की भीड़ के कारण मीटिंग बेनतीजा रही अगले दिन काफिला भोपाल से रीवा होते हुए सांची गुपचुप तरीके से पहुंचा काफी बहस होने के बाद रविशंकर शुक्ल जी ने फाइनल स्टेटमेंट दिया जो था “यदि कश्मीर से कन्याकुमारी जाना है तो इसी भोपाल से जाओगे तथा रविंद्र नाथ टैगोर जी के घर से गांधी के घर जाओगे तो भी इसी भोपाल से जाओगे भोपाल देश का क्रॉस रोड जगसन है भोपाल दिल है भारत का भोपाल is the capital of madhya pradesh”

उनके इस स्टेटमेंट के बाद यह तय हो गया की भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी बनेगा।रविशंकर शुक्ल ने जब यह फैसला लिया होगा तो एक नेहरू जी का दवाब उन पर जरूर रहा होगा।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बारे में जानकारी

भोपाल जब मध्य प्रदेश की राजधानी बना तब यह सीहोर जिले की तहसील हुआ करता था बाद में इसे 1972 में जिला बनाया गया भोपाल के उत्तर में गुना जिला उत्तर पूर्व में विदिशा तथा दक्षिण पूर्व में रायसेन तथा पश्चिम दक्षिण में सीहोर इसके अलावा पश्चिम उत्तर में रायगढ़ ने घेर रखा है।भोपाल शहर की कुल आबादी वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 2371061 थी जो की जनसंख्या के अनुसार इंदौर के बाद सबसे बड़ा शहर था।

आज के इस लेख में हमने मध्य प्रदेश की राजधानी क्या है अर्थात madhya pradesh ki rajdhani kya hai यह जाना है।

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